WELCOME

WELCOME TO THIS BLOG KINDLY VISIT UPTO END

go upto end of this blog

please visit the above site & go upto end of this blog

AdSense Code

Popular Posts

my blogs

ब्लॉग आर्काइव

फ़ॉलोअर

always remember

I am the best, I am the winner, I can do it, Today is my day, God is always with me, Always be happy and optimist........
मनुष्य भी जब अपने लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मनुष्य भी जब अपने लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 24 नवंबर 2008

मनुष्य भी जब अपने


  • संसार की प्रत्येक वस्तु का अपना ऐक धर्म होता हे ! पानी का भी ऐक धर्म हे - शीतलता देना , तृप्ति देना , गीला करना ! अगर पानी अपने गुंण को छोड दे तो फिर पानी का अस्तित्व नहीं बचता ! मनुष्य भी जब अपने धर्म में स्थिर रहता हे , मानविय गुणों से युक्त रहता हे तभी वह मनुष्य कहलाता हे ! यदि मनुष्य मानविय गुणों को छोड देता हे तो फिर वह मनुष्य नहीं पशु हे , तब वह दानव कहलाता हे ! शास्त्र में कहा गया हे कि अपनी आत्मा के विपरीत व्यवहार किसी के साथ न करें ! जो व्यवहार अपने प्रति आपको पसन्द हे ,वही व्यवहार दूसरों के साथ करो, इसी का नाम धर्म हे !
  • धर्मदूत नवम्बर २००८ से