सभ्यता
परम पूज्य सुधाँशुजी महाराज
"अगर थोड़ा-सा भी कोई आपका भला करे तो आप कितना कितना धन्यवाद करते हें ।
लेकिन वह जो रात-दिन आपका भला कर रहा है, आप पर कृपा कर रहा है, क्या हम
इतना-सा भी नहीं कर सकते कि सुबह शाम बैठकर हाथ जोड़कर उस दाता से कहें कि
प्रभु तेरा लाख-लाख शुक्र हें । तूने हम पर बड़ी कृपा की । इतनी सभ्यता का परिचय
तो कम-से-कम हमें देना चाहिए
।"