हमेशा अपने मालिक को
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१. इस संसार में कोई भी इन्सान संपूर्ण नही है,परिपूर्ण्ता कैवल परमातमा में है.....वही सर्वग्य है,वही नित्य है,वही सत्य है और उसी सत्य कि तलाश में इन्सान सदा तडपता रहता है....
२.सूरज की तरह तेज,ओजस्वी ,सदा चमकाने का गुण रखो !
३.हमेशा अपने मालिक का धन्यवाद सचे दिल,साफ,पवित्र मन से करो जिन्होंने अपके जिन्दगी के एक-एक दिन को सुनहरा बनाया....
४.हमेशा मीठा बोलो...क्यूकि मीठा बोलने वाले की तो मिर्च भी बिक जाती ह....और तीखा बोलने वाले का गुड नही बिकता.....
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