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गुरु गीता (25)
किसी ने आपका अपमान किया हो फिर देखना जहां भी आप जाओगे आपका मन बार-बार उसी चीज को लेकर सामने आता है यह आसक्ति का संसार है ! आप अगर वहीं का वहीं छोड़ दें तो बात ख़तम हो जाती है और अगर उस पर दबाव डालना शुरू कर दिया की किसी ने ऐसा क्यों कहा ? तो प्रभाव मस्तिक पर होता चला जाएगा और विचित्र बात तो यह है की किसी ने आपको एक गाली दी और मन पर चोट लगी अब मन उसे बार-बार दोहरा रहा है , उसने तो एक चोट लगाईं और चला गया अब आप उस घाव को कुरेद रहे हैं उसे और गहरा करते हो !अब आप नरक की अग्नि मैं हर समय जल रहे हो ! इससे सावधान रहो और भूलने की आदत डालो !