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गुरु गीता (42)
मौन :- जो परमात्मा की आवाज सुनना चाहते हैं उनहें मौन जरूर रखना चाहिए !मौन के समय एकांत मैं रहने का प्रयास करें ! मौन के समय संसार को अपने अंदर मत आने दो ! मौन एक अक्षय संजीवनी शक्ति है ! जिससे व्यक्ति के प्राणों की उर्जा का विकास होता है !